सेल और बैटरि क्या है? सेल कितने प्रकार के होते हैं What Is Cell And Battery?

 सैल (Cell): सेल एक यैसा साधन है जो रासायनिक ऊर्जा यानि Chemical Energy को बिदुत ऊर्जा (Electrical Energy) मे परिवर्तित करता हौ यह बिदुत ऊर्जा D.C. होती है

battery and cell iti

सेल दो प्रकर के होते हैं 

  • प्राइमरी सेल 
  • सेकण्डरी सेल

प्राइमरी सेल वह साधन है जो रासायनिक ऊर्जा को बिदुत ऊर्जा मे बदलने के बाद तुरंत करेंट प्रारम्भ कर देता है लेकिन एक बार डिस्चार्ज होने के बाद दुबारा चार्ज नहीं किया जा सकता है जबकि सेकोण्डारी सेल को इस्तेमाल करने के पहले चार्ज किया जाता है और डिस्चार्ज होने के बाद फिर से चार्ज किया जा सकता है 

सैल के सिधान्त क्या है?

जब किसी दो अलग अलग धातुओ की छ्डो या प्लेट किसी रसायनिक घोल मे डाली जाए तो इन छड़ो पर बिजली पैदा होती है एक सेल के मुख्यतः 3 भाग होते है 

  • एलेक्ट्रोड
  • एलेक्ट्रोलिट
  • बर्तन

प्राथमिक सेलों का संछिप्त विवरण नीचे दिया गया है

सेल का नाम

+ve प्लेट

-ve प्लेट

साधारण सेल

लेकलांची सेल

ड्राइ सेल

डैनियल सेल

बुनसन सेल

कैडमियम सेल

तांबा

कार्बन

कार्बन

तांबा

कार्बन

पारा

जस्ता

जस्ता

जस्ता

जस्ता

जस्ता

कैडमियम अमलगम

 

  

बैटरि की क्षमता निर्भर करती है

  • प्लेटो की साइज़ और संख्या पर
  • बैटरि का तापमान पर
  • बैटरि की आयु पर

बैटरि चार्जिंग की जानकारी

चार्जिंग रेट के अनुसार यह काय कई प्रकार के होते हैं

प्रांम्भिक चार्जिंग 

यह चार्जिंग उस समय किया जाता है जब बैटरि को तैयार करते हैं इसको कम करेंट पर चार्ज करते हैं 

साधारण चार्जिंग

यह कहरगिंग साधारण दर पर किया जाता है जब बैटरि मे कोई दिक्कत नहीं होती है ज़्यादातर इस तरीके से ही बैटरि को चार्ज किया जाता है 

बूस्टिंग चार्ज

जब बैटरि  बहुत ज्यादा कररेंट देकर चार्ज किया जाता है तो इस विधि को बूस्टिंग चार्ज कहते हैं यह चार्जिंग तब की जाती है जब आपको सीघ्र चाहिए 

ट्रिकल चार्ज

यह चार्जिंग कम करेंट देकर की जाती है जो की बैटरि की टोटल क्षमता के 0.05 से 0.1 प्रतिशत के आधार पर की जाती है ये चार्ज उन बैटरि मे किया जाता है जो ज्यादा डीनो से चार्ज नहीं की गयी हो
 

बैटरि चार्ज और उसके लाभ 

आजकल के समय मे बैटरि चार्ज करने का तरीका बहुत ज्यादा किया जा रहा है बैटरि चार्जर मे एक स्टेप्दौन ट्रांस्फर्मर कम वोल्टेज के लिए लगा होता है यह कम वोल्टेज रेकटिफ़ायर द्वारा डीसी मे बदल देता है जिससे बैटरि चार्ज होती है 

बैटरि चार्ज के लाभ

  • स्थान कम घेरता है
  • चारजिंग के वक़्त ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं पड़ती
  • कोई आवाज नहीं होता
  • पवार खर्च कम होता है
  • चारजिंग करना आसान है
  • चारजिंग सस्ती है

बैटरि चारजिंग के लिए आवस्यक सावधानिया

  • सप्लाई की पॉज़िटिव तर बैटरि के पॉज़िटिव टर्मिनल से तथा नेगेटिव तर बैटरि के नेगेटिव टेरमीनल से जुड़ा होना चाहिए
  • चार्जिंग स्थान हवादार होना चाहिए
  • वेंट प्लग खुला होना चाहिए
  • जरूरत पड़ने पर शुद्ध पानी मिलना चाहिए
  • बैटरि की लिड्स काही होनी चाहिये 

बैटरि की सूरक्षा एवं देखरेख 

  • बैटरि को हर सप्ताह चेक करना चाहिए
  • डिस्चार्ज बैटरि को अधिक समय तक नहीं छोरना चाहिए
  • बैटरि के ऊपर कोई भी भरी और नुकीली वस्तु नहीं रखनी चाहिए
  • बैटरि के टेरमीनल साफ और टाइट होने चाहिए
  • जहा बैटरि चार्ज हो रही है वह जलती हुई आग या फिर कोई भी जलशील पदार्थ का उपयोग नहीं करना चाहिए
  • बैटरि को हमेशा D.C. पर चार्ज करना चाहिए
  • बैटरि को सफ़ौर सुखी जगह पर रखे

प्राइमरी सेल तथा सेकेन्डरी सेल की तुलना

 

 

प्राइमरी सेल (Primary Cell)

 

सेकेन्डरी सेल (Secondary Cell)

 

इंका वजन लगभग कम होता है

इनकी वोल्टेज कम होती है

इंका उपयोग तुरंत किया जा सकता है क्योकि इनको चार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ती

इनको दुबारा चार्ज नहीं किया जा सकता

इनकी कीमत कम होती है

इंका उपयोग निम्न दर के लिये किया जाता है

इंका वजन अधिक होता है

इंका वोल्टेज अधिक होता है

इनको पहले चार्ज करना पड़ता है इसीलिए इसको तुरंत नहीं इस्तेमाल किया जा सकता

इनको दुबारा चार्ज कर सकते है

इनकी कीमत अधिक है

इंका उपयोग उच्च दर के लिए किया जाता है

 

 

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